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हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ऑपरेशन के बाद रखें ये सावधानी, दोबारा नहीं होगी परेशानी
Hernia Treatment: हारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की बीमारी मांसपेशी की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ कमजोर होने से होती है, जबकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह बीमारी जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ होती है। à¤à¤• साल तक के बचà¥à¤šà¥‡ में हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होता है तो यह अपने आप ठीक हो सकता है...
Hernia Treatment: हारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की बीमारी मांसपेशी की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ कमजोर होने से होती है, जबकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह बीमारी जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ होती है। à¤à¤• साल तक के बचà¥à¤šà¥‡ में हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होता है तो यह अपने आप ठीक हो सकता है। इसके लिठचिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ ली जा सकती है, जबकि बड़ों में ऑपरेशन ही इसका इलाज है। समय रहते इसका इलाज शà¥à¤°à¥‚ कराना जरूरी है। यदि इलाज में देरी करते हैं तो इससे शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ अंगों और रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को नà¥à¤•सान हो सकता है। ऑपरेशन के बाद à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन उठाने से बचना चाहिà¤, नहीं तो ये तकलीफ दोबारा हो सकती है।
कैविटी की तरह पेट करता है काम
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में शरीर का à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ अंग बाहर की ओर आ जाता है, जिससे शरीर में à¤à¤• अलग उà¤à¤¾à¤° दिखाई देने लगता है। पेट कैविटी की तरह काम करता है। इसके आसपास लिवर, पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ, किडनी, गॉल बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° और आंतें होती हैं, जिनको à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ कवर करती है। जब यह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ कमजोर हो जाती है, फट जाती है या छेद हो जाता है तब इसके आसपास के अंग जगह छोड़ देते हैं। इससे शरीर के उस हिसà¥à¤¸à¥‡ में उà¤à¤¾à¤° दिखाई देने लगता है, जिसे हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं। हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ ऑपरेशन के बाद हो सकता है। कमजोरी की शिकायत होने पर à¤à¥€ यह बीमारी हो सकती है।
तीन तरह का होता हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ तीन तरह का होता है। पेट और जांघ के बीच के हिसà¥à¤¸à¥‡ में जो हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होता है उसे गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ और जांघों के हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को फिमोरल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं। यह महिलाओं में अधिक होता है। नाà¤à¤¿ के आसपास अमाइकल या पैरा अमाइकल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होता है।
आंतों में हà¥à¤† तो खतरनाक
आंतों का हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक है। यदि आंत बाहर आ गई है तो यह फंस सकती है। इनके फंसने या उलà¤à¤¨à¥‡ से तेज दरà¥à¤¦ होता है। उलà¥à¤Ÿà¥€ होती है व खाना पचता नहीं है। इसे ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं। समय रहते इलाज नहीं कराने पर आंतों में रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार बाधित हो जाता है। इससे आंतों में गैंगरीन का खतरा बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में मरीज की जान à¤à¥€ जा सकती है। समय रहते इसका ऑपरेशन करवाने से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
लकà¥à¤·à¤£ पहचानें
खांसने, छींकने या à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन उठाने, लंबे समय तक दौड़ने से गोलनà¥à¤®à¤¾ आकृति शरीर में उà¤à¤°à¤•र सामने आती है। इसमें हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है। आराम करने पर दरà¥à¤¦ गायब कम हो जाता है। इससे रोगी को महसूस होता है कि शरीर के उस हिसà¥à¤¸à¥‡ में हवा à¤à¤° गई है। यह हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ है। à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में इसका आकार बड़ा हो जाता है और लेटने या दबाने से à¤à¥€ दरà¥à¤¦ कम नहीं होता है।
दो तरह से ऑपरेशन
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का ऑपरेशन दो तरह से होता है। ओपन सरà¥à¤œà¤°à¥€ में चार से छह इंच का चीरा लगाकर बाहर की तरफ निकले अंग को à¤à¥€à¤¤à¤° कर जाली लगाते हैं। इसमें परेशानी अधिक होती है और लंबा आराम करना पड़ता है। लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी में à¤à¤• छेद à¤à¤• सेमी और दो छेद आधे-आधे सेमी का करते हैं। बाहर निकले अंग को à¤à¥€à¤¤à¤° कर जाली लगाते हैं। टाइटेनियम से बनी फिकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ डिवाइस होती है जिसकी मदद से उसे फिकà¥à¤¸ करते हैं। डबल लेयर की यह जाली पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥€à¤¨ नामक ततà¥à¤¤à¥à¤µ से बनती है।
सावधानी बरतें
बढ़ती उमà¥à¤° के साथ मांसपेशियों का कमजोर होना और वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखना बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ है। इसके लिठदैनिक जीवन में कà¥à¤› सावधानियां बरत कर हम बच सकते हैं-
- तीन-चार दिन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खांसी से आठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें।
- वजन उठाते समय सावधानी बरतें। बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन नहीं उठाà¤à¤‚।
- अपना वजन नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें। वजन बढ़ने से पेट पर दबाव बढ़ता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
ऑपरेशन के बाद तीन माह तक दो-तीन किलो से अधिक वजन न उठाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ कोई काम न करें जिससे पेट पर दबाव बने। ऑपरेशन बाद 6-7 दिन तक हलà¥à¤•ा खाना खाà¤à¤‚। सात दिन बाद चार पहिया और 15 दिन बाद दोपहिया वाहन चला सकते हैं।
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